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कृत्रिम अंग से मिली उड़ान की उम्मीद और आंखों में चमक

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अशोक सिंहल फाउण्डेशन के निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर में उमड़ी लाभार्थियों की भीड़

विवेकानंद पाण्डेय

अयोध्या। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंहल की जन्म जयंती पर प्रति वर्ष होना वाला निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर शताब्दी वर्ष में आयोजित हुआ। उद्धाटन समारोह में वक्ताओं ने अशोक की स्मृतियों को याद करते हुए, शिविर आयोजकों को बधाई और इस कार्य को दिव्यांगजनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाला बताया।

अशोक सिंहल फाउण्डेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर के उद्धाटन अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि भव्य दिव्य राम मंदिर को प्रतीक मात्र है। गौरव की बात है कि सनातन संस्कृति और श्रीराम लला मंदिर के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महापुरुष की 100वीं जन्म जयंती मना रहे हैं। इस देश में हिंदू बहुसंख्यक है यह बात कोई एक दिन की नहीं हजारों वर्षों की है, लेकिन इस देश में हिंदू बहुसंख्यक होने के बावजूद 1000 वर्षों तक गुलाम रहे।


गुलामी की मानसिकता में उसे उसके कर्म को समझ और चर्चा बनाने तथा कमजोरी को दूर करके समाज को संगठित करने का काम और संगठित समाज के माध्यम से विकसित भारत और विश्व गुरु बनाने के स्वप्न में शक्ति भरने का काम की अवधारणा जीवंत करने का श्रेय अशोक सिंघल को है। विशिष्ट अतिथि एवं कंचन भवन के महंत पूज्य विजय दास महाराज ने कहा कि अशोक सिंघल की शताब्दी जयंती पर सेवा का प्रण लेना चाहिए। सेवा के माध्यम से आप जन-जन तक पहुंच सकते हैं। इस भौतिक जगत में अनेक प्रकार की विडंबनाएं हैं।

जिसको लेकर हर एक परिवार अपने आप में बहुत पीड़ित है, बहुत कष्ट में है। अध्यक्षीय आशीर्वचन देते हुए श्रीराम वल्लभाकुंज के महंत अधिकारी राजकुमार दास महाराज ने सूफियाने अंदाज में कबीर को उद्घृत करते हुए कहा कि “कबिरा सोई पीर है जो जानै सब पीर, जो पर पीर न जानिए सो काफिर बे-पीर” श्रद्धेय अशोक सिंहल उसी कोटि के थे। उन्होंने रहीम को याद करते हुए कहा कि “दीन सबहिं को लखत हैं दीनहिं लखै न कोय, जो रहीम दीनहिं लिखै दीनबंधु सम होय” कुछ इसी तरह से अशोक सिंघल जैसा महापुरुष हमें प्राप्त हुआ।

अशोक सिंघल का राम मंदिर को लेकर के इतने लंबे अरसे तक संघर्ष करना यह सब हम सभी के लिए एक धरोहर है। परिचय विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने देते हुए अशोक सिंहल फाउण्डेशन के संचालक महेश भागचंद्रका और उनके परिवार का विश्व हिन्दू परिषद के साथ दिए गए योगदान को याद किया। संचालन श्रीराम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रदेव मिश्र ने किया। मुख्य रूप से संघचालक डॉ. विक्रमा प्रसाद पाण्डेय, आलोक सिंह रोहित, कारसेवकपुरम प्रभारी शिवदास सिंह, उमेश पोरवाल, वीरेंद्र, मयंक उपस्थित थे। बाद में पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव व अमल गुप्ता मौजूद रहे।

31 को मिले कृत्रिम अंग, उपकरण व 48 को चश्मे

अशोक सिंहल फाउण्डेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क अंग प्रत्यारोपण शिविर के पहले दिन 31 लाभार्थियों को कृत्रिम अंग व आवश्य उपकरण दिए गए। कुल 48 लोगों को चश्मे वितरित किए गए। पहले दिन के शिविर में 12 को कृत्रिम अंग, 12 को कैलिपर, चार को हाथ व तीन को बैसाखियों का वितरण किया गया। नेत्र परीक्षण कराने वाले कुल 55 लोगों में से 48 को चश्मे वितरित किए गए।


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